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प्रधानमंत्री अश्फ़कुल्लाह खान को भूल गए और अमित शाह का जन्म दिन याद रहा, यही है भारत के अच्छे दिन: अमीक जामेई

[आल इंडिया तंज़ीम ए इंसाफ के द्वरा ओखला के जामिया नगर स्थित जोगा बाई चौपाल पर शहीद अशफाउल्लाह खान की 119 जयंती मनाई गई जिस की सदारत तंज़ीम ए इंसाफ के रास्ट्रीय महासचिव अयूब अली खान ने की, इस मौके पर सबसे खास बात “16 मई 2014 के बाद हमारी क़ौमी एकता और मुसलमानो और दलितो पर बढ़ते हमले” पे होने वाली बैठक मे भकपा नेता अमीक जामेई की कोशिशों से तंजीम के मंच पर दक्षिणी दिल्ली की सीपीआई, सीपीआई (एम) और स्वराज इंडिया पार्टी एक मंच पर आए!]

नई दिल्ली: जयंती कार्यक्र्म (22 अक्तूबर 2016) की सदारत करते हुए आकलियतों के समाजी एक्तेसादी व पिछड़ेपन पर काम करने वाली क़ौमी अंजुमन “आल इंडिया तंजीम ए इंसाफ के राष्ट्रीय जनरल सेक्रेटरी जनाब अयूब अली खान ने कहा की मुल्क मे शहीद ए आजम भगत सिंह को सभी जानते है लेकिन अशफाकुललाह खान के बारे मे लोगो को पता नहीं जिसकी कुर्बानी कोई कम नहीं थी, युवाओ को चाहिए की वो अशफाकुललाह की सोच का मुल्क बनाने के लिए शहीद अशफाक़ के रास्ते चलना होगा!

माकपा के दक्षिणी दिल्ली के नेता कॉमरेड शकील अहमद सिद्दीकी ने कहा मौजूदा मोदी सरकार देश की एकता और अखंडता को तोड़ने की कोशिश कर रही है वो देश को हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहती है जो संभव नहीं ये सरकार अपनी नाकामी को छुपाने के लिए एक विशेष धर्म को टारगेट करती है।

स्वराज इंडिया के साउथ दिल्ली के सदर नबी अहमद ने कहा समाज को बदलना है तो युवा ही बदल सकते हैं और इसकी सीख हमे इन शहीदो की ज़िंदगी से मिलती है, अशफाकुललाह की ज़िंदगी हिन्दू मुस्लिम भाई चारा की मिसाल है और उनके साथ हम राम प्रसाद बिस्मिल को नहीं भूल सकते इसलिए मुल्क सतह पर इस तरह के कार्यक्रम हमे करने चाहिए!

जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्रसंघ के पूर्व माहसचिव और आप आदमी पार्टी के नेता फ़िरोज़ जामेई ने कहा के छात्रों के बीच हम लोगों को अपने पूर्वज का इतिहास पढना होगा ये सरकार हमारे इतिहास को मिटा रही है, आयोजक को धन्यवाद देते हुये उन्होने कहा की ऐसे कदम की हम ताईद करते है और सभी सेकुलर पार्टियो को ऐसे मंच पर राजनीतिक मतभेद भुलाके एक साथ आना चाहिए, हम तंजीम के इस मक़सद मे कदम से कदम साथ है!

ashfakulla-khan1आल इंडिया तंज़ीम ए इन्साफ के प्रदेश महासचिव अमीक़ जामेई ने कहा हमें सब को साथ लेकर चलना है हम भगत सिंह-सुखदेव-राजगुरु की शहादत को कैसे भूल सकते हैं हम ने मिलकर देश को आज़ाद कराया है और मिल कर ही फासिस्ट ताक़त से देश को फिर से आज़ाद करना होगा जो मुल्क अज़ीज़ के संविधान और एकता के टुकड़े टुकड़े करना चाहते है, जीनयू के छात्र नजीब पर बोलते हुये उन्होने कहा की मोदी सरकार की पुलिस ओमर खालिद के न मिलने पर उसे पाकिस्तान पाहुचा देती है, हाफिज़ सईद के ट्विटर से जेएनयू आंदोलन को समर्थन दिलवा सकती है लेकिन वो नजीब को ढूंढ नहीं सकती, यनिफ़ोर्म सिविल कोड पर जामेई ने कहा की आरएसएस और उनके हामी मुस्लिम ग्रुप देश मे फिर से शाहबानों जैसा माहौल पैदा करना चाहते है ताकि मुसलमानो की सुरक्षा, बेरोजगारी और रोज़ी रोटी के सवाल पर कोई बात ही न हो, यूनिफ़ोर्म सिविल कोड भारत मे संभव ही नहीं और इसके लिए देश के बहुसंख्यक ही तैयार नहीं तो आरएसएस को मुसलमानो की कायदत जवाब देने को क्यू लालायित है, क्या कोई गठजोड़ है दोनों के बीच? अमीक ने कहा है की मुसलमानो को आरएसएस और उनके उलेमा एजेंट से मुस्तैद रहना पड़ेगा जो अगले चुनाव के मद्दे नज़र माहौल बनाना चाहते है, मुसलमान सरकार से अपनी कायदत से असुरक्षा, बेरोजगारी व रोज़ी रोटी के बुनियादी मसाईल पर सवाल करे!

इस मौके पर शहीद अशफाउल्लाह खान की याद मे दो युवा उभरते उर्दू शायर जनाब अख्तर आज़मी और अकमल बलरामपुरी ने उन पर नजमे कह खिराज पेश की।

सभा को अनहद के ओवैस सुल्तान खान ने भी संबोधित कर कहा की आज इस हुकूमत को लोग फशिष्ट कहने से डरते है जबकि फ़ाशीश्म हमारे दरवाजे पर आ खड़ा हुआ है, ट्रिपल तलाक और यूनिफोर्म सिविल कोड पर बोलते हुये उन्होने बताया की इस्लाम मे चार बड़े मकतब ए फिक्र के बीच तीन मकतब ट्रिपल तलाक जैसी बुराई को नहीं मानते जबकि यह सिर्फ हनफी मकतब ए फिक्र का मसला है जिसे फौरन एबोलिश करने की ज़रूरत है और यूनिफोर्म सिविल कोड इससे अलग मसला है जिसे अलग अलग देखने की ज़रूरत है!

सांघी सोच के शिकार जामिया मिल्लिया इसलामिया के कलाकार अख़लाक़ अहमद पे दिल्ली में हुए संघ के दुरा हमले के बारे में पूरी कथा सुनाई जब उन्हे दिल्ली सरकार के प्रोजेक्ट “आई लव यू दिल्ली” प्रोजेक्ट मे उर्दू कैलिग्राफी करने पर हुददंगाइयों की भीड़ का शिकार बन गए थे
भकपा के स्थानीय नेता ओखला सचिव मुहम्मद मुस्लिम ने कहा के समय को पहचानना होगा जो समय को नहीं पहचानेगा वो समाज खत्म हो जाती है हमे एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।

मेहमानों का स्वागत जामिया स्कूल टीचर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी व तंजीम ए इंसाफ के दिल्ली सेक्रेटरी ने हरिसुल हक़ ने किया वही धन्यवाद टी एम् ज़ियाउल हक़ ने पेश किया और कार्यक्रम का संचालन शकेब आयज ने किया।

सामाजिक कार्यकर्ता इमरान क्रांति, एआईएसएफ जामिया के को कनवीनर व साउथ दिल्ली भकपा ज़िला काउंसिल सदस्य के मिनहाज, एआईएसएफ दिल्ली कनवीनिग कमेटी सदस्य शाहनवाज़ सैदपुर, अय्युब अंसारी, कामरान आबिद, स्वराज के अनवर अहमद, व काफी तादाद समाजी शख्सियत जलसे मे मौजूद थी।

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